70,000 यात्रियों को एक लाख टिकट मुफ्त देगी आस्ट्रेलियाई एयरलाइन्स क्वंटास
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 7:43 pmपिछले सप्ताह श्रम संबंधी समस्या की वजह से क्वंटास की उड़ानों का परिचालन दो दिन तक नहीं हो सका था, जिससे 70,000 यात्री परेशान हुए थे.
क्वंटास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन जोयसी ने कहा, ‘हमें पता है कि बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी हुई. हम और आगे बढ़कर उनसे इसके लिए माफी चाहते हैं.’
ट्रेड यूनियनों के साथ वेतन, शतरें और नौकरी सुरक्षा को लेकर चल रहे विवाद में एक प्रस्ताव पारित करवाने के लिए क्वंटास ने 29 अक्तूबर को अपने सभी विमान खड़े कर दिए थे.
समाचार एजेंसी एएपी की खबर के अनुसार, क्वंटास दुनियाभर में 22 शहरों में परेशानी झेलने वाले 70,000 यात्रियों को एक लाख विमान टिकट मुफ्त देगी.भारत में चल रहे विपणन कार्यक्रम को शेष विश्व में लागू करेगी कोका कोला
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 7:47 pmअटलांटा की साफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनी कोका कोला ने कहा कि ‘फैंटा’ और ‘थम्स अप’ जैसे भारतीय विपणन अभियानों को विश्व के अन्य भागों में ले जाएंगे.
विज्ञापन से जुड़े समारोह में भाग लेने आए कोका कोला कंपनी के अधिकारी जोसेफ ट्रिपोडी ने कहा ‘फैंटा के विज्ञापन को वैश्विक स्तर का अभियान बनाने की कोशिश की जा रही है.
हमें यह करना होगा और दुनिया को दिखाना होगा कि यहां का प्रदर्शन अच्छा है तो बाकी दुनिया में यह कैसे किया जाए.’
तीन सप्ताह के भीतर बैलेंस शीट एवं तिमाही रिपोर्ट प्रस्तुत करे रिलायंस पेट्रोलियम
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 9:35 pmकेरल उच्च न्यायालय ने तेल कंपनियों इंडियन आयल कारपोरेशन और रिलायंस पेट्रोलियम को अगले तीन सप्ताह के भीतर अपने बैलेंस शीट एवं तिमाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के शुक्रवार को आदेश दिए.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सी. एन. रामचंद्रन नायर एवं पी. एस. गोपीनाथन की खंडपीठ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी सी थामस की एक जनहित याचिका पर विचार करते हुए अपनी टिप्पणी में कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों में हो रही वृद्धि से आम आदमी को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है.
खंडपीठ ने इस संदर्भ में दोनों तेल कंपनियों को अपने बैलेस शीट एवं तिमाही रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं.ओएनजीसी का दूसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफा 60 प्रतिशत बढ़ा
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 9:07 pmओएनजीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुधीर वासुदेव ने कहा कि जुलाई से सितंबर की दूसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 60.4 प्रतिशत बढ़कर 8,642 करोड़ रुपये हो गया.पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 5,389 करोड़ रुपये रहा था. उन्होंने कहा कि कच्चे तेल का दाम ज्यादा मिलने और पेट्रोलियम उत्पादों की सब्सिडी में कम योगदान से कंपनी का शुद्ध मुनाफा बढ़ा है.
कंपनी को आलोच्य तिमाही में कच्चे तेल का 116.94 डालर प्रति बैरल का दाम मिला है जबकि पिछले वर्ष इस तिमाही के दौरान यह 79.21 डालर प्रति बैरल रहा था.
मार्केटिंग कंपनियों को सब्सिडी देने के बाद कंपनी की प्रतिबैरल शुद्ध प्राप्ति 83.70 डालर प्रति बैरल रही है. हालांकि पिछले वित्त वर्ष इसी तिमाही में शुद्ध प्राप्ति 62.75 डालर प्रति बैरल रही थी.
ओएनजीसी पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाली तेल कंपनियों को कच्चे तेल की आपूर्ति रियायती दाम पर करती है ताकि उनको होने वाले नुकसान की आंशिक भरपाई की जा सके.
ओएनजीसी के अलावा ऑयल इंडिया और गेल इंडिया भी उनके नुकसान की भरपाई में योगदान करती हैं.
जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान ओएनजीसी का कुल बिक्री कारोबार 24.4 प्रतिशत बढ़कर 22,687 करोड़ रुपये रहा है जबकि उसने 5,713 करोड़ रुपये की रियायत मार्केटिंग कंपनियों को इस दौरान दी.
वासुदेव ने कहा कि कंपनी का मुनाफा 3,322 करोड़ रुपये से अधिक होता यदि उसे सब्सिडी योगदान नहीं देना होता.
आलोच्य तिमाही के दौरान ओएनजीसी का कच्चे तेल का उत्पादन 68 लाख 40 हजार टन पर करीब करीब पिछले वर्ष की इसी तिमाही के बराबर ही रहा.जबकि गैस उत्पादन छह अरब 25 करोड घनमीटर से बढ़कर छह अरब 39 करोड़ घनमीटर हो गया.
इस दौरान कंपनी ने तीन नई खोज की हैं.एक खोज अक्तूबर में हुई है, इसे मिलाकर चालू वित्त वर्ष में ओएनजीसी ने कुल नौ खोज की हैं.
वासुदेव ने कहा कि अगले साल से ओएनजीसी का कच्चे तेल का उत्पादन दस लाख टन बढ़ जायेगा.
चालू वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने दो करोड़ 39 लाख टन कच्चे तेल का उत्पादन लक्ष्य रखा है.
कंपनी ने पूर्वी और पश्चिमी तटीय क्षेत्र में कुछ सीमांत और छोटे क्षेत्रों में तेल उत्पादन कार्य शुरु किया है. उन्होंने कहा ‘वर्ष 2013.14 तक तेल उत्पादन में 40 लाख टन की वृद्धि होगी.’आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े फैसले की जरूरत : प्रधानमंत्री
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 9:59 pmप्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बुधवार को दुनिया की जी-20 के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस के तटीय रिजार्ट कान पहुंचे. जी-20, 20 ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है. उन्होंने कहा कि यूरो क्षेत्र और अन्यत्र संकट को दूर करने के लिए कठिन तथा तेजी से कदम उठाने की जरूरत है.
सरकारी सूत्रों ने कहा कि जी-20 के समक्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पुख्ता कदम उठाने की बड़ी चुनौती है. सूत्रों ने बताया कि 17 राष्ट्रों के यूरो क्षेत्र के किसी भी देश ने भारत से इस संकट से निपटने में मदद के लिए द्विपक्षीय आग्रह नहीं किया है.
भारत पहले ही कह चुका है कि वह इस संकट से निपटने के लिए किसी भी बहुपक्षीय प्रयास में शामिल होने को तैयार है.
सिंह लगातार छठी बार जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. पहली बार इसका आयोजन अमेरिका ने 2008 में किया था. शिखर बैठक में काले धन पर अंकुश के लिए कर सूचनाओं के स्वैच्छिक आदान प्रदान के भारतीय एजेंडा पर भी चर्चा होने की संभावना है.
कान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नई दिल्ली में एक बयान में कहा कि कुछ दिन पहले यूरोपीय संघ और यूरो क्षेत्र में हुए दो सम्मेलनों से ऐसे उपाय करने में मदद मिली है, जिससे बाजार का भरोसा लौटा है, पर इस दिशा में और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है.
सिंह ने कहा, यूरोप और अन्य स्थानों पर आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े फैसले लिए जाने की जरूरत है और ये निर्णय तेजी से लिए जाने चाहिए. प्रधानमंत्री ने यूरो क्षेत्र को एक ऐतिहासिक परियोजना बताते हुए कहा, ‘भारत चाहेगा कि यूरो क्षेत्र फले-फूले, क्योंकि यूरोप की समृद्धि में ही हमारी समृद्धि छिपी है.’
सिंह ने कहा कि कान शिखर सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यूरो क्षेत्र का ऋण संकट एक प्रमुख चिंता का विषय बन गया है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि जी-20 शिखर सम्मेलन एक मजबूत तथा समन्वित संकेत देगा, जिसमें मध्यम अवधि के ढांचागत मुद्दों को सुलझाते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास किया जाएगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को व्यापक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक अनुकूल वैश्विक आर्थिक वातावरण की जरूरत है.
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन भी कान आए हैं.
भारत चाहता है कि जी-20 कर चोरी के चैनलों पर लगाम के लिए नए उपाय शामिल करे. कुल वैश्विक उत्पादन में जी-20 की हिस्सेदारी 85 फीसद की है. साथ ही दुनिया की दो-तिहाई आबादी जी-20 देशों में रहती है.
दो दिन की इस बैठक में यूरोपीय नेताओं द्वारा ऋण संकट से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास छाए रहने की संभावना है.शिखर बैठक के मेजबान फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी होंगे. बैठक में सभी जी-20 सदस्यों से विकास और सार्वजनिक वित्त को नए सिरे से संतलित करने पर प्रतिबद्धता के लिए कहा जाएगा.
इस महत्वपूर्ण बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ भी भाग ले रहे हैं. प्रधानमंत्री द्वारा इस बैठक में वर्तमान आर्थिक अस्थिरता को दूर करने के लिए कदम उठाने पर जोर दिया जाएगा. इसके लिए भारत की ओर से व्यापार को खोलने, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास पर जोर दिया जाएगा.
समझा जाता है कि प्रधानमंत्री संरक्षणवाद की प्रवृत्ति को खत्म करने पर जोर देने के साथ मुक्त, पारदर्शी और नियम आधारित बहुपक्षीय व्यापारिक प्रणाली की बात रखेंगे.
अर्थशास्त्री से प्रधानमंत्री बने मनमोहन सिंह से जी-20 में कई बार सलाह ली जाती है.प्रधानमंत्री के इस शिखर बैठक में वैश्विक बाजारों में उचित भरोसा कायम करने के लिए उपाय सुझाने की भी उम्मीद की जा रही हैविदेशी कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति मिली कोल इंडिया कों
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 9:22 pmकोल इंडिया के अध्यक्ष एनसी झा ने कंपनी के स्थापना दिवस समारोह के मौके पर कहा ‘केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने हमें गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है.इस मामले में हमें मंत्रालय से स्पष्टीकरण मिल गया है.’
हालांकि, उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय ने ऐसे अधिग्रहणों के मामले में आंतरिक प्रतिफल की न्यूनतम 12 फीसद दर में पूरी तरह से छूट नहीं दी.
झा ने कहा ‘वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यदि वजह रणनीतिक हो तो 12 फीसद से कम प्रतिफल पर भी हम इस प्रस्ताव को आगे बढ़ा सकते हैं लेकिन इसकी मंजूरी वही देंगे.’ उन्होंने कहा कि सीआईएल को नौ से 12 फीसद आईआरआर की पेशकश वाले प्रस्ताव मिले हैं. वित्त मंत्रालय 12 फीसद से कम आईआरआर वाले इन सौदों की जांच करेगा.
दुनिया की यह सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी अभी तक विदेशों में अधिग्रहण का कोई सौदा नहीं कर पाई है. प्रक्रियाओं में लगने वाली देरी की वजह से ऐसा हो रहा है.
कंपनी ने इस मामले में दो मानकों में कुछ रियायत मांगी थी.पहला गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में भी हिस्सेदारी का अधिग्रहण और दूसरा ऐसे मामलों में भी मंजूरी जिनमें आंतरिक तौर पर प्रतिफल 12 प्रतिशत से भी कम रहे.
झा ने कहा कि अब वित्त मंत्रालय से स्थिति स्पष्ट होने के बाद वह कुछ प्रस्तावों को मंजूरी के लिये आगे बढ़ायेंगे.
कोल इंडिया फिलहाल दो कोयला संपत्तियों पर प्रस्ताव भेजेगा.
एक आस्ट्रेलिया और दूसरी इंडोनेशिया में है. उन्होंने हालांकि इनके नाम बताने से इंकार किया लेकिन कहा कि दोनों खदानों की क्षमता 50 लाख टन कोयले की है.
कोल इंडिया के इन दोनों खदानों में 30 से 40 फीसद तक हिस्सेदारी खरीदे जाने की संभावना है.
कंपनी ने विदेशों में अधिग्रहण के लिये 6,000 करोड़ रुपये की राशि रखी है.
कोयला कंपनियों में अधिग्रहण के साथ-साथ कोल इंडिया विदेशी सोतों से कोयले की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिये भी बातचीत के अंतिम चरण में है.उल्लेखनीय है कि देश में इस समय कोयले के उत्पादन और आपूर्ति में करीब 14 करोड़ 20 लाख टन का फासला है.
अगले तीन साल में और घट सकती हैं मोबाइल की कॉल दरें
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 9:23 pmइस कदम से मोबाइल की कॉल दरें और घट सकती हैं.
टर्मिनेशन शुल्क एक ऑपरेटर द्वारा दूसरे उस ऑपरेटर को अदा किया जाता है, जिसके नेटवर्क पर कॉल खत्म होती है.
यह इंटरकनेक्शन इस्तेमाल शुल्क ‘आईयूसी’ का हिस्सा है. इसमें किसी तरह का बदलाव मोबाइल दरों को प्रभावित करेगा.
फिलहाल टर्मिनेशन शुल्क 20 पैसे प्रति मिनट है और यह मोबाइल की कॉल दरों का हिस्सा है.
ट्राई ने उच्चतम न्यायालय में आईयूसी की गणना के लिए कई तरीके बताए थे. साथ ही नियामक ने कहा था कि इसे 2014 तक पूरी तरह खत्म कर दिया जाना चाहिए. इस बारे में अंतिम निर्णय शीर्ष अदालत को करना है.
जीएसएम आपरेटर टर्मिनेशन शुल्क को कम किए जाने के किसी भी प्रस्ताव के खिलाफ हैं.
वहीं दूसरी ओर सीडीएमए खिलाड़ी और नए आपरेटर इस शुल्क को पूरी तरह खत्म करने के किसी भी प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं.
वर्तमान आपरेटर इस शुल्क में कटौती नहीं चाहते हैं, क्योंकि इससे उनको राजस्व का घाटा होगा.
वहीं दूसरी ओर नए खिलाड़ी टर्मिनेशन शुल्क की दरें घटाने के पक्ष में हैं, क्योंकि उनके नेटवर्क से ट्रैफिक का प्रवाह इनकमिंग कॉल्स से अधिक होता है.
ट्राई का विचार है कि टर्मिनेशन शुल्क में प्रगतिशील तरीके से कटौती की जानी चाहिए और अंत में इसे शून्य के स्तर पर लाया जाना चाहिए.
यदि टर्मिनेशन शुल्क में कटौती होती है, तो नए खिलाड़ी सबसे पहले कॉल दरें घटाएंगे, जिससे पुरानी कंपनियों पर भी कॉल दरें घटाने का दबाव पड़ेगा.
उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले ट्राई को एक आपरेटर से दूसरे आपरेटर के नेटवर्क पर कॉल ले जाने के लिए इंटरकनेक्शन शुल्क की नई दरें तय करने को कहा था.
शीर्ष अदालत ने यह निर्देश ट्राई की उस याचिका पर दिया था जिसमें टीडीसैट के आदेश को चुनौती दी गई थी. टीडीसैट ने ट्राई के इंटरकनेक्शन इस्तेमाल शुल्क ‘नियमन’, 2009 को रद्द कर दिया था.
ट्राई ने 2009 के आईयूसी नियमन में मोबाइल टर्मिनेशन शुल्क की दर सभी स्थानीय और राष्ट्रीय लंबी दूरी की कॉल्स के लिए 20 पैसे प्रति मिनट तय की थी.शयेर बाजार २२४ अंक गिरा, आई सी आई सी आई में रही सबसे ज्यादा गिरावट
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 6:03 amबंबई शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन 224 अंकों की गिरावट आई.
सेंसेक्स 224 अंक की गिरावट के साथ 17,480.83 अंक पर बंद हुआ.
ब्याज दर आधारित रीयल्टी, वाहन और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों ने गिरावट में प्रमुख योगदान दिया. धातु, पूंजीगत सामान और रिफाइनरी कंपनियों के शेयरों में भी हानि दर्ज हुई.
वॉल स्ट्रीट में गिरावट तथा कमजोर एशियाई रुख के बीच तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 224.18 अंक या 1.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,480.83 अंक रह गया. कल सेंसेक्स में 99.79 अंक की गिरावट आई थी.
इसी के अनुरूप नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 68.65 अंक या 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,257.95 अंक पर आ गया.
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान के साथ बंद हुए. आईसीआईसीआई बैंक में सबसे ज्यादा 3.80 प्रतिशत की गिरावट आई, वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 3.38 फीसद लुढ़क गया. स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 3.22 प्रतिशत और टाटा मोटर्स में 2.49 फीसद का नुकसान रहा.
सेंसेक्स में सबसे ज्यादा भारांश रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.96 प्रतिशत नीचे आ गया, जबकि इन्फोसिस का शेयर 1.32 प्रतिशत लुढ़क गया. इन दोनों शेयरों का सेंसेक्स में 20 प्रतिशत भारांश है.
उपभोक्ताओं को सीधे उत्पादकों से बिजली खरीदने की अनुमति की वकालत
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 9:19 pmउनका मानना है कि इससे विद्युत व्यवस्था की मौजूदा स्थिति में सुधार होगा.
सीआईआई के अनुसार, उपभोक्ता को यह अधिकार मिलने के बाद वे राज्य विद्युत बोर्ड से भी सस्ती दरों पर बिजली खरीद सकेंगे. इससे विभिन्न राज्य विद्युत बोर्ड के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी.
सीआईआई ने विद्युत को प्रस्तावित वस्तु एवं सेवाकर के दायरे में रखने की भी अनुशंसा की. इसकी ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि उच्च बिजली वितरण घाटा सकल घरेलू उत्पाद को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है.
इसके मुताबिक, ‘सरकार हालांकि बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रही है, लेकिन वितरण क्षेत्र की खराब वित्तीय स्थिति के कारण देश का विद्युत क्षेत्र प्रभावित हो रहा है.’
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी के अनुसार, वित्तीय घाटा अनुमानत: राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद का करीब 1.5 प्रतिशत है. यह इस क्षेत्र में निजी निवेश के साथ-साथ वैश्विक निवेश को भी प्रभावित करेगा.
सीआईआई ने विद्युत वितरण के क्षेत्र में सुधार के लिए वितरण कम्पनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का सुझाव दिया है.अब सरकार अपने सभी भुगतान ई-पेमेंट यानी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से करेगी
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 8:19 pmउर्वरक, केरोसिन और रसोई गैस सब्सिडी का भुगतान सीधे लाभार्थी के खाते में करने के लिये भी इस प्रणाली का इस्तेमाल किया जायेगा.
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी सोमवार को ‘सरकारी ई-पेमेंट प्रणाली’ का उद्घाटन करेंगे. इसके लिये एक ‘सरकारी ई-पेमेंट गेटवे’ पोर्टल बनाया गया है. इस पोर्टल के ज़रिये सरकार के भुगतान और लेखा कार्यालय से लाभार्थी के खाते में सीधे ऑनलाइन भुगतान किया जायेगा. इसमें गेटवे पोर्टल सरकार के कंप्यूटराइज्ड पेमेंट एण्ड एकाउंट्स और बैंकों तथा रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग निदान के बीच कड़ी का काम करेगा.
ई-प्रणाली के ज़रिये भुगतान शुरु होने से सरकार का खर्च और कागज़ का इस्तेमाल कम होगा और इससे पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा.
ई-पेमेंट यानी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के ज़रिये भुगतान होने से चेक भेजना, उन्हें तैयार करना, फिर चेक को खाते में जमा कराना और उनकी प्रोसेसिंग करना लंबी प्रक्रिया से बचा जा सकेगा और समय की बचत होगी.
उर्वरक, केरोसिन और रसोई गैस सब्सिडी ज़रुरतमंद तक नहीं पहुंचने की शिकायतों को देखते हुये सरकार ने इनके लिये सब्सिडी भुगतान सीधे लाभार्थी के हाथों में करने की घोषणा इस साल के बजट में की थी.
नई ई-पेमेंट प्रणाली का इस्तेमाल सब्सिडी भुगतान के लिये भी किया जायेगा. ई-पेमेंट के ज़रिये अब सीधे लाभार्थी के खाते में धन हस्तांतरण हो जायेगा.
मारुति सुजुकी इंडिया के शुद्ध लाभ में 59.81 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 4:35 amदेश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया को भारी गिरावट का सामना करना पड़ रहा है.
मारुति सुजुकी इंडिया को उसके मानेसर संयंत्र में श्रमिक असंतोष का खामियाजा मुनाफे में भारी गिरावट के रुप में भुगतना पड़ा है. ऊंची ब्याज दर और पेट्रोल के बढ़ते दाम से वाहनों की मांग भी कुछ सुस्त पड़ी है.
चालू वित्त वर्ष की 30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही में कंपनी के शुद्ध लाभ में 59.81 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई.
इस दौरान कंपनी को 240.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ जो कि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में अर्जित लाभ से करीब 60 प्रतिशत कम रहा. बीते वित्त वर्ष इसी तिमाही में उसे 598.24 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था.
इस बीच, कंपनी के निदेशक मंडल ने गुजरात में नया कारखाना लगाने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया.
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की कुल आय भी 14.38 प्रतिशत घटकर 7,831.62 करोड़ रुपये रह गई जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 9,147.27 करोड़ रुपये रही थी.
बीती तिमाही में कंपनी के वाहनों की बिक्री 19.56 प्रतिशत घटकर 2,52,307 वाहनों की रही, जबकि बीते वित्त वर्ष इसी अवधि में कंपनी ने 3,13,654 वाहनों की बिक्री की थी.
मारुति सुजुकी ने कहा कि उसके मानेसर संयंत्र में श्रमिकों की हड़ताल के चलते समीक्षाधीन तिमाही में 28,539 वाहनों के उत्पादन का नुकसान हुआ.
वहीं, विदेशी मुद्रा की विनिमय दरों में उतार.चढ़ाव के चलते भी उसका लाभ प्रभावित हुआ.
कंपनी ने कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चलते घरेलू वाहन बाजार में मांग भी कुछ सुस्त रही.
मारुति सुजुकी ने अपना तीसरा कारखाना गुजरात में लगाने का निर्णय किया है जो हरियाणा के बाहर उसका पहला कारखाना होगा. निदेशक मंडल ने गुजरात के मेहसाणा में जमीन खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
एयर इंडिया पायलटों की फिर हड़ताल पर जाने की धमकी
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 8:18 pmपायलटों ने पिछले कुछ महीनों से लंबित वेतन, प्रोत्साहन राशि के तुरंत भुगतान और तरक्की से संबद्ध मामलों से जुड़ी मांगों के समर्थन में आंदोलन की धमकी दी है.
हड़ताल के बारे में फैसला इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) की बैठक के बाद किया जाएगा.
आईपीजी में विलय पूर्व एयर इंडिया के 300 पायलट हैं जबकि पूर्ववर्ती इंडियन एयरलाईन्स के करीब 1,400 पायलट हैं जो इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (आईसीपीए) से जुड़े हैं और ये भी इन्हीं मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.
सूत्रों ने बताया कि आईसीपीए मौजूदा दौर में अपने आईपीजी सहयोगियों के साथ आंदोलन में भाग नहीं लेगा.
सूत्रों ने बताया कि उत्पादकता से जुड़े प्रोत्साहन के भुगतान में देरी के अलावा एयर इंडिया प्रबंधन उनके करियर में तरक्की से जुड़े मुद्दों पर भी निर्णय ले रही थी, जो न्यायमूर्ति धर्माधिकारी समिति के दायरे में आता है.
न्यायमूर्ति धर्माधिकारी समिति दोनों सरकारी विमानन कंपनियों के विलय से जुड़े मानव संसाधन संबंधी मुद्दों पर विचार कर रही है.
सूत्रों ने कहा कि हमारी पदोन्नति और तरक्की से जुड़े फैसले लेकर प्रबंधन धर्माधिकारी समिति की रिपोर्ट आने से पहले ही कदम उठा रहा है जबकि समिति ने अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है.
आपीजी को नये बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के लिए पायलट के प्रशिक्षण को लेकर भी एतराज है.
यह विमान एयर इंडिया बेड़े में इस साल के अंत तक शामिल होने की उम्मीद है.बंबई शेयर बाजार का सेंसेकस 619 अंक उछला
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 5:01 amइसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 197.90 अंक की मजबूती के साथ 5,399.70 अंक पर खुला। इस दौरान, मेटल, बैंकिंग, आटो और आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली।
डालर के मुकाबले रुपया 67 पैसे चढ़ा
-डालर के मुकाबले यूरो में मजबूती आने और स्थानीय शेयर बाजारों में जबरदस्त उछाल से डालर की तुलना में रुपया 67 पैसे मजबूत होकर 48.83 प्रति डालर पर पहुंच गया।
यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच ऋण संकट दूर करने के लिए पैकेज पर सहमति बनने से एशिया में प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डालर टूटकर दो साल के निचले स्तर पर आ गया। डीलरों ने कहा कि यूरो एवं अन्य मुद्राओं की तुलना में डालर में कमजोरी और स्थानीय शेयर बाजारों में तेज उछाल से रुपया की धारणा मजबूत हुई।
मंगलवार को डालर के मुकाबले रुपया 32 पैसे मजबूत होकर 49.50.51 प्रति डालर पर बंद हुआ था।
भारतीय कंपनी भारती एयरटेल, एमटीएन को नाइजीरिया की चेतावनी
Posted by राजबीर सिंह ताजा खबरें, व्यापार 4:58 am
लागोस [नाईजीरिया]। भारतीय कंपनी भारती एयरटेल की सहयोगी कंपनी एयरटेल नाईजीरिया और दो अन्य कपंनियों को नाईजीरिया में दूरसंचार नियामक, एनसीसी से मोबाईल सेवाओं की गुणवत्त्ता में कमी दूर न करने पर कार्रवाई की चेतावनी मिली है। इन कंपनियों को एक माह में सेवा सुधारने को कहा गया है वरना इन पर दंड लगाया जाएगा और उन पर नए ग्राहकों के पंजीकरण पर रोक लगा दी जाएगी।
नाईजीरियन कम्यूनिकेशस कमिशन [एनसीसी] को चेतावनी पर अमल करना पड़ा तो एयरटेल नाईजीरिया, दक्षिण अफ्रीका की एमटीएन और स्थानीय कंपनी ग्लोबाकाम को 6,216 डालर प्रति ग्राहक की दर से दंड देना होगा। एनसीसी के मुताबिक उसने इसकी निगरानी के लिए उपकरण खरीदे हैं जिससे पता लगाया जा सकता है कि ग्राहक काल रिसीव कर पा रहे हैं या नहीं। साथ ही इसके जरिए काल की गुणवत्ता की भी निगरानी की जा सकती हैं। एनसीसी के प्रवक्ता र्यूबेन मुओका ने कहा कि कंपनियों को 30 दिन की मोहलत दी गई है। मुओका ने कहा कि देश भर में आयोग द्वारा की गई स्वतंत्र निगरानी में तीन परिचालकों की सेवा घटिया पाए जाने के बाद यह निर्देश जारी किया गया है।
एयरटेल नाईजीरिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी राजन स्वरूप ने नाइजीरिया सरकार से राष्ट्रीय संचार नीति जारी करने की अपील की थी।