भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट मैच की दूसरी पारी में एक विकेट पर 35 रन बनाए. इंग्लैंड ने इससे पहले भारत के 224 रन के जवाब में अपनी पहली पारी सात विकेट पर 710 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी.भारत को इस तरह से पारी की हार से बचने के लिए अब भी 451 रन की दरकार है.
कुक तिहरे शतक से चूके, सहवाग बने ‘किंग्स पेयर’
एलिस्टेयर कुक केवल छह रन से तिहरे शतक से चूक गए लेकिन उनकी 294 रन की मैराथन पारी से 486 रन की विशाल बढ़त हासिल करने वाले इंग्लैंड ने वीरेंद्र सहवाग को लगातार दूसरी पारी में पहली गेंद पर पवेलियन भेजकर भारत पर तीसरे टेस्ट मैच में हार का खतरा गहरा दिया.
कुक की पारी से इंग्लैंड ने अपनी पारी सात विकेट पर 710 रन बनाकर समाप्त घोषित की जो कि इन दोनों टीमों के बीच नया रिकार्ड है.
पहली पारी में 224 रन पर ढेर होने वाले भारत ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट पर 35 रन बनाए हैं और उसे पारी की हार से बचने के लिये अब भी 451 रन की दरकार है. स्टंप उखड़ने के समय राहुल द्रविड़ 18 और गौतम गंभीर 14 रन पर खेल रहे थे.
कुक जब मजबूती से तिहरे शतक की तरफ बढ़ते हुए दिख रहे थे तब उन्होंने इशांत शर्मा की ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर डीप प्वाइंट क्षेत्र में हवा में लहराता शाट खेल दिया और भारत के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षकों में से एक सुरेश रैना दौड़ लगाकर उसे कैच में तब्दील करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रास ने इसके तुरंत बाद पारी समाप्त घोषित कर दी.कुक निराश होकर पवेलियन लौटे लेकिन दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया. उन्होंने अपनी पारी में 545 गेंद खेली तथा 33 चौके लगाए.
बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने आज इयोन मोर्गन (104) के साथ चौथे विकेट के लिए 222 रन की साझेदारी की. भारत ने बीच 17 रन के अंदर तीन विकेट लेकर कुछ राहत की सांस ली लेकिन टिम ब्रेसनन ने पिछले मैच की तरह फिर से भारतीय गेंदबाजों का सिरदर्द बढ़ाया.
उन्होंने नाबाद 53 रन बनाए और कुक के साथ सातवें विकेट के लिये 97 रन की साझेदारी की.
ब्रेसनन ने इशांत की गेंद लांग आन पर छह रन के लिये भेजकर अपना अर्धशतक पूरा करने के साथ ही इंग्लैंड का स्कोर 700 रन के पार पहुंचाया. यह तीसरा और भारत के खिलाफ पहला अवसर है जबकि इंग्लैंड की टीम ने 700 रन की संख्या पार की.
भारत की शुरुआत फिर से खराब रही और पहली पारी की तरह सहवाग इस पारी में भी पहली गेंद पर आउट हो गये. गंभीर ने जेम्स एंडरसन की पारी की पहली गेंद पर तीन रन लिए. उनकी अगली गेंद आफस्टंप से बाहर की तरफ स्विंग हो रही थी जिसे सहवाग ने ड्राइव करने के प्रयास में पहली स्लिप में आसान कैच थमाया.
सहवाग ने कंधे के आपरेशन से उबरने के बाद वापसी की थी लेकिन उनके ‘किंग्स पेयर’ बनने से भारत फिर संकट में आ गया. द्रविड़ और गंभीर ने इसके बाद सहजता से बल्लेबाजी की. ग्रीम स्वान ने बीच में गंभीर के खिलाफ पगबाधा की विश्वसनीय अपील की जिसे अंपायर स्टीव डेविस ने ठुकरा दिया. द्रविड़ इस बीच तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 10000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने.
इससे पहले भारत को दिन की पहली सफलता के लिये लंबा इंतजार करना पड़ा. बारिश और खराब रोशनी के कारण बीच में दो तीन अवसरों पर खेल रुकने के बावजूद बल्लेबाजों का ध्यान भंग नहीं हुआ. दूसरे सत्र के आखिर में 17 रन के अंदर तीन विकेट लेकर भारत को कुछ राहत मिली. भारत की तरफ से अमित मिश्रा सबसे सफल गेंदबाज रहे. उन्होंने 150 रन देकर तीन विकेट लिए.
कुक ने अपने कैरियर का सर्वाधिक स्कोर बनाया. इससे पहले उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 235 रन था जो उन्होंने पिछले साल आस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन में बनाया था. भारत ने अभी तक पारी में कुल 63 अतिरिक्त रन दिए हैं जो इन दोनों टीमों के बीच नया रिकार्ड है. इससे पहले भारत ने 1979 में बर्मिंघम में ही 60 अतिरिक्त रन दिये थे.
मोर्गन ने कल एस श्रीसंत और द्रविड़ से मिले जीवनदान का पूरा फायदा उठाकर अपना दूसरा टेस्ट शतक पूरा किया लेकिन इसके बाद उनकी पारी लंबी नहीं खिंच पाई. कामचलाऊ स्पिनर रैना की फ्लाइट लेती गेंद पर मोर्गन ने हवा में शाट खेलना चाहा लेकिन इस प्रयास में वह सहवाग को कैच दे बैठे जिन्होंने कोई गलती नहीं की. मोर्गन ने 199 गेंद की अपनी पारी में 11 चौके लगाए.
चोटिल जोनाथन ट्राट की जगह टीम में लिए गए रवि बोपारा (7) लंबे इंतजार के बाद क्रीज पर उतरे लेकिन मिश्रा ने उन्हें जल्द ही वापस पवेलियन भेज दिया. बोपारा उनकी लेग ब्रेक को नहीं समझ पाये और पगबाधा हो गए.
मिश्रा ने इसके बाद अच्छी फार्म में चल रहे विकेटकीपर बल्लेबाज मैट प्रायर (5) को भी आउट किया. प्रायर का स्वीप शाट जब हवा में लहरा रहा था तब सचिन तेंदुलकर ने दौड़ लगाकर उसे कैच में तब्दील किया.
इंग्लैंड ने सुबह तीन विकेट पर 456 रन से आगे खेलना शुरू किया. पिछले दो साल से इंग्लैंड की रन मशीन बनी कुक ने 182 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाई. उन्होंने दिन के पहले ओवर में ही चौका जड़ा और फिर श्रीसंत की गेंद पर लेग साइड में दो रन लेकर अपना दूसरा और अपनी सरजमीं पर पहला दोहरा शतक पूरा किया.
एजबस्टन में पिछले आठ साल में पहली बार किसी बल्लेबाज ने टेस्ट मैचों में दोहरा शतक बनाया.
यही नहीं इससे इंग्लैंड की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में लगाये गए दोहरे शतकों की संख्या भी 50 पर पहुंच गयी है. कुक ने इसके लिए 378 गेंद खेली तथा 27 चौके लगाए.
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